-पुराने बस स्टैंड से ही खुलनी शुरू हुई सरकारी बसें, ट्रैफिक कंट्रोल के नाम पर खानापूर्ति

Rabindra Nath Bhaiya: नगर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शहर के बाहर सात करोड़ से अधिक की लागत से बनाया गया स्टैंड सात महीने में ही बंद होने के कगार पर है। अब यहां इक्के दुक्के बस ही लगती है। प्राइवेट बस तो पहले से ही नया स्टैंड को नजरंदाज कर रहे थे और अब पिछले सप्ताह से सरकारी बसें भी फिर से पुराने ठिकाने पर लौट गई है। दरअसल कमिश्नर के स्तर से दिसंबर में ही सरकारी बसों को अपने पुराने ठिकाने से चलाने को लेकर अनुमति मिल गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे के चलते रुका हुआ था। मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा के बाद से बीएसआरटीसी की बसें पुराने स्टैंड से चलनी शुरू हो गई है। पटना की ओर जाने वाली सरकारी बसें नवादा बस डिपो से खुल रही है जबकि गया और रजौली- गोविंदपुर की ओर जाने वाली बस एक बार नवादा बस स्टैंड से खुल रही है। ऐसे में हर प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित बस स्टैंड वीरान पड़ गया है।
पटना रांची नेशनल हाईवे पर बुधौल में स्थित नए बस स्टैंड का काफी तामझाम से उद्घाटन हुआ था, लेकिन फिलहाल जिला प्रशासन इसे कामयाब बनाने में विफल दिख रही है। हालांकि डीटीओ ने सद्भावना चौक पहुंचकर बस संचालकों को हड़काया और स्टैंड से ही परिचालन के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद बस संचालक नहीं माने और सद्भावना चौक पर बसें लगी रही।हर प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित बस स्टैंड वीरान पड़ गया।
जहां-तहां वाहन लगाने वालों पर होगी कार्रवाई:-
सरकारी बसों के लिए उनके पुराने निर्धारित स्थल से परिचालन के निर्देश प्राप्त हुए हैं। यह आयुक्त के स्तर से मिला है। इसके चलते सरकारी बसों का परिचालन उनके पुराने निर्धारित स्थल से शुरू हुआ है। प्राइवेट बसों को हर हाल में बुधौल बस स्टैंड से ही परिचालन कराने का निर्देश दिया गया है। अवैध रूप से जहां-तहां वाहन लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
:-अनुराग कौशल, डीटीओ, नवादा:
अवैध स्टैंड, अवैध चुंगी वसूली भी:-
प्राइवेट बसें बुधौल बस स्टैंड जाने के बजाय सद्भावना चौक से ही लौट रही है और यही स्थान अवैध और अघोषित बस स्टैंड बन गया है। दूसरी ओर रोक के बावजूद पार नवादा में पुराने बस स्टैंड में दर्जनों ऑटो लगा रहता है। इस तरह सद्भावना चौक और पुल पार का इलाका अघोषित बस स्टैंड बना हुआ है। इतना ही नहीं यहीं पर ऑटो और बसों से चुंगी वसूली भी होती है। यह वसूली वैध है या अवैध है कोई बताने को तैयार नहीं है। कुल मिलाकर हालत यह है कि नया स्टैंड चालू होने के बाद शहर में जाम और पैसेंजर की परेशानी कमने के बजाय बढ़ गई। बता दें कि जुलाई माह में नगर में लगने वाले जाम से मुक्ति पाने के लिए एक साथ कई प्रयास हुए थे। डीएम के निर्देश पर नया स्टैंड चालू कराया गया, अप्रोच रोड दुरुस्त कराया गया और वनवे सिस्टम लागू किया गया। लेकिन इसके बावजूद नगर को जाम के मकड़जाल से मुक्ति नहीं मिल पाई है।
सदभावना चौक बना व्यस्त स्टैंड:-
रजौली की ओर जाने वाली बसें या तो बस स्टैंड आकर लौट जाती है और सद्भावना चौक पर लग जाती है या फिर बस स्टैंड आती ही नहीं और सद्भावना चौक पर ही जमी रहती है। ओवर ब्रिज किनारे बसों को रोककर काफी देर तक इंतजार किया जाता है। हिसुआ, राजगीर और गया की ओर जाने वाली बसें भी सद्भावना चौक के आगे गया रोड में 10-15 मिनट के लिए खड़ी रहती है। सद्भावना चौक अस्थाई मिनी स्टैंड बन गया है। इसके चलते सद्भावना चौक के पास यदा-कदा जाम जैसी स्थिति बन रही है। यहां बुधौल बस स्टैंड से ज्यादा व्यस्त स्टैंड दिख रहा है। रजौली और गया रोड में हमेशा 4 -6 बसें लगी रहती है। ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने के नाम पर सद्भावना चौक और पार नवादा में तैनात इक्के दुक्के पुलिसकर्मी खानापूर्ति करते दिख रहे हैं। ना तो किसी को बस को अवैध पार्किंग करने से रोका जाता है और ना ही स्टैंड जाने के लिए निर्देश दिया जा रहा है।
यह भी पढ़े :-