नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया) श्री राज कृष्णा एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के बैनर तले भारतीय संविधान के जनक और दलित मुक्ति का प्रवेश द्वार डॉ भीमराव अंबेडकर का 132 वां जयंती समारोह नगर के राजद कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ” वर्तमान परिवेश में अंबेडकर की प्रासंगिकता ” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रो नरेशचंद्र शर्मा ने की। कार्यक्रम का नेतृत्व राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष भाई बिनोद यादव ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में नवादा राजद विधायक विभा देवी जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा कुमारी , निशा चौधरी उपस्थित रहीं। उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया, उसके बाद वैश्विक स्तर के महानायक डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण का सिलसिला देर तक चलता रहा।

संगोष्ठी का विषय प्रवेश कराते हुए श्री राज कृष्णा ट्रस्ट के अधिकारी शम्भु विश्वकर्मा ने अंबेडकर की प्रासंगिकता को बौद्ध काल के इतिहास को सामने रखकर साबित किया । उन्होंने वर्तमान राजसत्ता को अंबेडकर की विचारधारा के विरुद्ध करार देते हुए अंबेडकर के अनुआइयों को आगाह किया। मुख्य अतिथि विभा देवी ने अंबेडकर को महिलाओं के लिए सबसे बड़ा ऊर्जा स्रोत और देश में फैलते सांप्रदायिकता -जातीयता रूपी अंधकार को दूर करने हेतु सबसे ऊँचा प्रकाश स्तंभ बताया।
भाई बिनोद यादव ने कहा कि अंबेडकर सिर्फ संविधान के जनक ही नहीं बल्कि उनका संपूर्ण वाङ्गमय दलितों , वंचितों और उपेक्षित वर्ग के मुक्ति का द्वार है। जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा कुमारी ने अंबेडकर के सिद्धांतों को भारतीय लोकतंत्र ही नहीं बल्कि विश्व के लोकतंत्र के लिए प्रासंगिक बताया । अध्यक्षीय भाषण में प्रो नरेशचन्द्र शर्मा ने इतिहास के विडंबनाओं और वर्तमान के षड्यंत्र को अंबेडकर की दृष्टि से दिखाने की कोशिश की।
विचारगोष्ठी को बुद्धिजीवी विचार मंच के अवधेश कुमार , मथुरा पासवान , लोक गायक चंदेश्वर प्रसाद , जिला परिषद सदस्य नितीश राज , वीणा देवी , अनिल प्रसाद सिंह , नंदकिशोर बाजपेयी , दिनेश कुमार अकेला , शशिभूषण शर्मा आदि ने संबोधित किया जबकि सुरेन्द्र यादव , योगेन्द्र यादव , उमेश हरी , ललन सिंह , पंकज यादव आदि स्वागतकर्ता के रूप में मौजूद रहे।