जन सुराज पार्टी से विधानसभा उम्मीदवार होने के लिए तीन स्तर पर होगा आवेदकों मूल्यांकन

पटना

डेस्क। पटना में जन सुराज पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगामी विधानसभा चुनाव- 2025 के लिए जन सुराज पार्टी से उम्मीदवारी के लिए आवेदकों की चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन के मापदंडों को प्रेस के साथ साझा किया. केंद्रीय चुनाव समिति के संयोजक आर.एन सिंह ने बताया कि आवेदकों का मूल्यांकन तीन स्तरों पर किया जाएगा, जिसमें पार्टी जरिए मूल्यांकन के 10 मापदंड तय किए गए हैं.

पहले स्तर पर हर विधानसभा में जन सुराज से जुड़े स्थानीय लोग, पदाधिकारी और विधानसभा प्रभारी समिति मूल्यांकन करेगी. दूसरे स्तर पर जिला संगठन और अनुमंडल पदाधिकारी निर्धारित मापदंडों पर मूल्यांकन करेंगे. तीसरे स्तर पर 11 सदस्यीय केंद्रीय चुनाव समिति जिला समिति के जरिए दी गई अनुशंसा का मूल्यांकन कर अपनी अनुशंसा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगी.

प्रेस वार्ता में चुनाव समिति संयोजक के साथ चुनाव समिति सदस्य सरवर अली, डॉ. भूपेंद्र यादव, जितेंद्र मिश्रा, विनोद चौधरी, सुरेश शर्मा और रामप्रकाश सहनी भी मौजूद थे. केंद्रीय चुनाव समिति की अनुशंसा में किसी भी प्रकार का संशोधन करने का अधिकार केवल राज्य की कोर समिति को होगा. यदि किसी समिति के किसी भी चरण का सदस्य स्वयं आवेदक हो, तो उसे अपने जिले की किसी भी समीक्षा बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी.

आपको बता दें कि पीके की पार्टी जन सुराज का मुख्य एजेंडा बिहार में व्यापक सुधार और विकास पर केंद्रित है, जिसमें शिक्षा, आर्थिक नीतियां और सामाजिक मुद्दे मुख्य हैं. पार्टी का सबसे बड़ा एजेंडा बिहार की शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाना है. प्रशांत ने राज्य की शिक्षा में सुधार के लिए अगले दशक में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की बात कही है. पार्टी के एजेंडे में शराबबंदी का मुद्दा भी प्रमुख है. अपने एजेंडे के तहत पार्टी बिहार की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए योजनाएं बनाएगी, जिसमें राजस्व बढ़ाने और विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण पर ध्यान दिया जाएगा.